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Friday, 8 June 2012

क्यों करवाती है राधे माँ मालिश ?



कल की बब्बो और आज की राधे माँ अपने अमीर भक्तो  से मालिश करवाती है यहाँ दावा इंडिया टीवी पर लाजपत नगर की चित्रा ने किया है | राधे माँ  की परम भगत चित्रा के घर पर राधे माँ सत्रह दिन रही है |  इस पर करीव तीन लाख  रूपये खर्च हुए थे |

 उस समय चित्रा और उसके परिवार ने राधे माँ का ड्रामा करीव से देखा था | राधे माँ अपने भक्तो में से  एक को चुन लिया करती थी जो सोना पहना होता था और राधे माँ उसको लेकर कमरे में बंद हो जाया करती थी कभी तो ये सिलसिला पूरी रात तक चलता था | यह बात करीव १२ साल पुरानी है | अब सवाल आता है क्यों राधे माँ अपने भक्त के साथ बंद कमरे क्या करती थी | 

यह सारी पोल राधी माँ के भक्त ही खोल रहे है वह भी एक नेशनल टीवी पर बैठ कर ?  चित्रा से राधे माँ ने कहा  था की   यह घर मेरे नाम कर दे | आखिर राधे माँ का  क्या माजरा है कही वो अमीर लोगो को फसा कर ब्लैक मेल तो नहीं करती है जिससे बड़े लोग शर्म हया के कारण खुल कर सामने नहीं आ रहे है | 

2 comments:

पता नही भारत मे लोग मौलिक धर्म को किनारे कर लोग तथाकथित स्वयंभू बाबाओ,भगवानो, साइयो,माओ के घनचक्कर मे क्यूँ पड़ जाते है.? आज धर्म के नाम पर सेक्स स्कैंडल ज्यादा देखने को मिल रहे है.! सावधान रहना भाईयोँ,इनका अगला शिकार आप भी हो सकते है..!!

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बॉलीवुड के लिए अभी मै नई हु। नीलमा सिंह


बॉलीवुड के लिए अभी मै नई हु। लेकिन अपने नेटिव प्लेस कश्मीर में काफी काम किया है। मैंने एक्टिंग करना बचपन से शुरू कर दी थी। एक्टिंग फील्ड में मुझे बचपन से अब तक १४ साल हो चुके है। शुरूआती दौर में मैंने थिएटर किया।

मेरा सपना तो डॉक्टर बनने का था लेकिन किस्मत में एक्टर बनना था . रेडियो और थिएटर से काफी कुछ सीखा। जो टीवी सीरियल और फिल्मो में काम आ रहा है। अभी बॉलीवुड में बहुत कम समय हुआ है।

बॉलीवुड की बारीकियां सीख रही हु। डी डी कश्मीर , डी डी उर्दू के ४०० से जायदा शो किये है। मैंने फिल्म रीत की और मुझे फिल्म अचदाइर् के लिए बेस्ट एक्टर का अवार्ड ईयर २०१२ में मिल चुका है।

इसके अलावा कश्मीर डेल्ही फिल्म में लीड रोल कर रही हु। यू टीवी बिंदास के लिए ये है आशिकी और सोनी टीवी के लिए एनकाउंटर कर रही हु। अभी दो वीडियो एल्बम कश्मीरी और पंजाबी में किया है। एक्टिंग के साथ मै डायरेक्शन कर रही हु।

मेरा सपना है मै एक अंधी लड़की का रोल करू। बाकी रोल कर चुकी है।
अमिताभ बच्चन जी मेरे आइडियल है मै उनके साथ स्क्रीन शेयर करना चाहुगी।

ये मेरी दिली तम्मना है। सुना और कहा जाता है बॉलीवुड में कम्प्रो काफी चलता है मगर रोल पाने के लिए कोम्प्रो नहीं करुँगी। मै भीड़ से थोड़ा सा अलग हु। बाकी तो रब की मर्जी।


एडिटर
सुशील गंगवार

किसी ज़माने में टाटा स्टील जमशेदपुर में लेबर का काम किया करते थे। --जमशेद

मुझे कहते हुए अच्छा लगता है। . उनका नाम जमशेद है। . पेशे से एक्टर है कभी किसी ज़माने में टाटा स्टील जमशेदपुर में लेबर का काम किया करते थे।
जमशेद के पिता भी टाटा स्टील में काम किया करते थे। आज एक जाना माना चेहरा है बॉलीवुड का। करीव १५ साल पहले एक्टिंग में अपना करियर शुरू किया। वह दिन में टाटा स्टील में काम करते और रात ढलते ही थिएटर करने पहुंच जाते थे ।
उनकी मेहनत और लगन रंग लायी और बॉलीवुड का रुख किया। बॉलीवुड ने भी खुले हाथो से स्वागत किया। सबसे पहले टीवी सीरियल शक्तिमान किया। उसके बाद अब तक ३०० से जायदा छोटे बड़े रोल कर चुके है. दो भोजपुरी और कई हिंदी फिल्म में अपना जलवा दिखा चुके है। आज कल तो एक्टिंग साथ साथ वो एक्टिंग भी पढ़ाते है। उनके काफी स्टूडेंट बॉलीवुड में अच्छे मुकाम हासिल कर चुके है।

जमशेद अपनी यादो में खो जाते है। कहते है सुशील भाई मैंने बहुत मेहनत की है। मै आज जो कुछ भी अपनी मेहनत की बजह से हु. जब मै टाटा में काम करता था तो सपना देखा करता था मै भी एक्टर बनु और छोटे बड़े परदे पर लोगो को दिखाई दू। मुझे ख़ुशी है जो मैंने सोचा वो पूरा हो रहा है। अभी तो मंजिल दूर है अगर ऊपर वाले ने चाहा तो अपनी फिल्म खुद लिखुगा और डायरेक्ट भी करुगा। उनकी इस अदा और मेहनत को सलाम। .
एडिटरसुशील गंगवार

अभी तो मेरी शुरुआत है। . विनोद चंदेल



मै एक्टर तो बचपन से ही बनना चाहता था। एक्टिंग की शुरुआत तो स्कूल में हो गयी थी। मेरा जनम मंडी हिमाचल प्रदेश में हुआ। अब तो थिएटर करते करते सात साल हो चुकेहै।

थिएटर के साथ साथ टीवी सीरियल और फिल्मे कर रहा हु। अब तक सावधान इंडिया , सी आई डी , सपथ आदि टीवी सीरियल कर रहा हु। इसके साथ कुछ शार्ट फिल्म भी की है। फिल्मो में घोस्ट , अता पता लापता , जब मिल बैठे तीन यार कर चुका हु.

मुझे थिएटर से बहुत लगाव है मै कभी भी थिएटर नहीं छोड़ सकता हु। आज जो कुछ भी वो थिएटर की बजह से हु। वो तो मेरी जान है।

जिंदगी में अगर काम करने का चांस मिला तो अमिताभ जी के साथ काम करना चाहता हु.अमिताभ , आमिर , नसीर , जी मेरे आदर्श है। एक्टिंग में आने के लिए थिएटर से शुरुआत करे तो अच्छा है। एक्टिंग स्कूल तो अपनी दूकान लगा के बैठे है। इसलिए थिएटर करे करे। अच्छा एक्टर बनने के लिए एक अच्छा इन्सान बनना जरुरी है। हम सभी जानते है बॉलीवुड में काफी शोषण होता है। अगर गलत लोग है तो अच्छे लोग भी है। बॉलीवुड सबको मौका देता है। मुझे भी अच्छे अवसर की तलाश है।

This interview taken by Editor Sushil Gangwar . He is working in journalism last 13 years.

एक्टिंग भगवान् का दिया हुआ गिफ्ट है। ---गीतांजलि मिश्रा





आप एक्टिंग के फील्ड में कैसे आयी। .

मैं बी. ए करने के बाद मुम्बई में नौकरी कर रही थी। . एक मेरे एक दोस्त का फ़ोन आया। . तुम्हारे लिए लिए एक किरदार है तुम चाहो तो कर सकती हो। मैंने उस किरदार के लिए हामी भर दी। . उसके बाद में लगातार छोटे परदे पर आ रही हु। . वैसे तो वनारस कि रहने वाली हु मगर मेरी परवरिश मुम्बई में ही हुई है।

आपका रंग रसिया में रोल क्या है।

मै इसमे मैथली का रोल कर रही हु। जो अपनी सास से डर कर रहती है। सास जो भी कहती है वह मै करती जाती हु। सच कहु तो एक दब्बू बहु का किरदार निभा रही हु।

आपके बारे में कहा जाता है आप फ़िल्म नहीं करती। इसका क्या कारण है।

मै अपनी प्रतिभा को घर घर तक पहुचाना चाहती हु। टीवी एक सशक्त माद्यम है। आज कल तो बड़े स्टार भी टीवी ज्वाइन कर रहे है।

आपके आने वाले टीवी सीरियल कौन कौन से है।
मै सावधान इंडिया , क्राइम पेट्रोल , रंग रसिया कर रही हु और आने वाले सीरियल में इक लक्छ आ रहा है।

जो लोग फिल्मो में आना चाहते है उनके लिए क्या सन्देश है।

एक्टिंग भगवान् का दिया हुआ गिफ्ट है। अगर आपके अंदर प्रतिभा है तो आप बॉलीवुड में आ सकते है। अगर आये तो पूरी तैयारी से आये। हो सके तो कोई एक्टिंग स्कूल या थिएटर कर सकते है। इससे काफी लाभ होगा।

क्या टीवी और फिल्मो में कोम्प्रोमाईज़ चलता है। .

जहा आग होती है वही धुँआ होता है। . मै खुद नहीं जानती आखिर मुझे सिनेमा से क्यों घुटन होती है मगर होती है। हम लोग गिफ्ट का रैपर बनकर रह गए है। मगर रैपर नहीं बनना चाहती हु। इसलिए टीवी की दुनिया में ही खुश हु।

This interview taken by Editor Sushil Gangwar ..

आज जो कुछ भी हु वो अश्वनी धीर की वजह से हु। . रोहिताश गौड़



एन .एस .डी से निकलने के बाद कितना बॉलीवुड में कितना संघर्ष करना पड़ा।


जीवन ही संघर्ष है। हमें जीवन के लिए संघर्ष करते रहना चाहिए। मै अपने जीवन में सबसे जायदा अश्वनी धीर जी को थैंक्स कहना चाहुगा। आज जो कुछ भी मेरे पास है वो उनकी वजह से है।


लापतागंज काफी लोकप्रिय हो रहा है। .


जब मैंने लापतागंज में काम करना शुरू किया था लोग सोचते थे ये सीरियल केवल छे महीना ही चलेगा। आज ऊपर वाले की कृपा से चौथा साल चल रहा है। मेरी भूमिका मुकंदी लाल की है जो काफी लोकप्रिय हो रही है।



आपकी आने वाली फिल्मे और टीवी सीरियल कौन कौन सी है।


अभी मै राज कुमार हिरानी की फ़िल्म पी के कर रहा हु। जिसमे मैंने हरियाणी पुलिस वाले का रोल किया है जो छोटी छोटी रिश्वत लेता है। अभी तो सीरियल लापतागंज ही कर रहा हु। फिल्मो में अच्छे रोल मिल रहे है। अगर कोई अच्छा रोल आता है उसे करता रहूगा।


क्या आप अपने बच्चो को फिल्मो में लाना चाहेगे।


कभी नहीं। . अगर वो अपनी मर्जी से आ जाते है। . तो कोई बात नहीं।



नए लोगो के लिए क्या कहना चाहेगे जो फिल्मो और टीवी में आना चाहते है।


मै तो ये कह सकता हु। जो जिस लाइन के लिए बना है उसे वही काम करना चाहिए। अगर आप आना चाहते है तो बॉलीवुड में सबके लिए जगह है। मगर अपने टैलेंट को पहचान ले। खाली भटके नहीं।


This interview taken by Editor sushil Gangwar

मेहनत से काफी कुछ हासिल हो जाता है--- हिमायत अली



मेहनत से काफी कुछ हासिल हो जाता है ऐसा कुछ ही कहना है फेमस टीवी एंड फिल्म एक्टर हिमायत अली का। . मेरी उनकी मुलाकात उनके ऑफिस अँधेरी में हुई। वक़्त के हिसाव से काफी कुछ पाया है।

मेरी जिंदगी कहा से कहा पहुंच गयी। मैंने तो बस एक छोटा सा सपना देखा था , मै टीवी और फिल्मी परदे पर दिखाई दू। अभी मै सावधान इंडिया , क्राइम पेट्रोल , फियर फाइल और कुछ टीवी सीरियल आदि कर रहा हु।

अभी हाल मेरी फिल्म कोयलनाचल आयी है। उसमे मैंने एक ईमानदार पुलिस अफसर रोल किया। आप मुझे ३० जून को . 30th June on CHANNEL"V" O Gajariya में देख सकते है। अभी कुछ और फिल्म साइन की है जो आपको देखने को मिलेगी।

एडिटर
सुशील गंगवार

मै छोटे रोल नहीं करना चाहता हु। --ओनकार दास -


आखिर क्या हुआ आप पीपली लाइव के बाद से एक गुम हो गए। .

मैंने पीपली लाइव फ़िल्म की थी जिसे माद्यम से मेरी बॉलीवुड में एंट्री हुई। मै थैंक्स कहना चाहता हु आमिर खान जी को। मै तो थिएटर का कलाकार हु। भोपाल में थिएटर करता था। आज भी कर रहा हु। फिल्मो से गायब नहीं हुआ हु। मुझे उसके बाद अच्छे रोल नहीं मिल पाये। मुझे ऐसा लगता है जो फिल्मे बन रही। उसमे मेरे लायक रोल नहीं आ रहा है।

क्या बॉलीवुड में गाड़फाथेर होना जरूरी है।

हां मुझे ऐसा लगता है.. गाड़फाथेर होना जरूरी है। इससे बहुत मदद मिलती है। आपको पता रहता है क्या और कैसे करना है। फिल्मे मिलने में थोड़ी सी आसानी हो जाती है। वैसे तो तो अपना गाड़फाथेर आमिर खान को ही मानता हु।

सुना है आप टीवी नहीं करना चाहते है। ऐसा क्यों ?
ऐसा कुछ नहीं है अगर कोई लीड रोल मिलेगा तो मै करना चाहुगा। मै छोटे रोल नहीं करना चाहता हु। अच्छे रोल का टीवी और फिल्मो का इंतजार है। जल्दी ही मेरी कुछ फ़िल्म आने वाली है जो पाइप लाइन में है। .


This interview taken by Editor Sushil Gangwar

मुझे एक अच्छे रोल का इंतजार है जहा मै न्याय कर सकू। --- हेमंत माहौर





आप कुछ अपने बारे में बताये। .

मैंने श्री राम आर्ट सेण्टर से एक साल कोर्स करके नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा में प्रवेश लिया। . सच कहु तो एक्टिंग सही तालीम मैंने एन एस डी से ही ली। आ जो कुछ भी हु वो उसके लिए मै सभी का तह दिल से सुक्रिया अदा करना चाहुगा। पापा चाहते थे मै डॉक्टर बनू मगर मेरी जिद और लगन ने मुझे एक्टर बना दिया।

अभी तक आपने कितने फिल्मे की है।

अभी तक मैंने टोटल १५ फ़िल्म की है ये मेरी जीवन की पूजी है। मेरी आने वाली फ़िल्म फेंटम , गजब नगरिया है

आप टीवी क्यों नहीं करना चाहते।

मुझे टीवी पर काफी रोल ऑफर होते रहते है मुझे लगता है मै थिएटर और फिल्मो के लिए बना हु। मै फिल्मे ही करना चाहुगा। मुझे एक अच्छे रोल का इंतजार है जहा मै न्याय कर सकू। अभी हाल मेरी फ़िल्म हाई वे आई है मुझे ख़ुशी है फ़िल्म काफी अच्छी चल रही है। इसमे मेरा रोल अच्छा है।

एक्टिंग के अलावा क्या करते है।

मैंने कुछ दिन तक बालाजी टेलीफिल्म के एक्टिंग स्कूल में शिक्षा दी। खाली टाइम मै उन लोगो को एक्टिंग सिखाता हु जो बॉलीवुड में अपनी एक जगह बनाना चाहते है। मुझे संगीत सुनना , लिखना और पढ़ना काफी अच्छी लगता है।

This Interview taken by Editor Sushil Gangwar

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